ज्ञानवापी पहुंची सर्वेक्षण टीम
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सर्वे शुरू होने से पहले ज्ञानवापी मामले पर हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि हमें यकीन है कि पूरा परिसर मंदिर का ही है। सर्वे का परिणाम हमारे अनुकूल होगा। वहीं याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने कहा कि यह हमारे लिए हिंदू समुदाय और करोड़ों हिंदुओं के लिए बहुत ही गौरवशाली पल है। सर्वे ही इस ज्ञानवापी मुद्दे का एकमात्र समाधान है। हिंदू पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि ज्ञानवापी का सर्वे हो रहा है। ये हमारे लिए अच्छी बात है। सर्वे कब तक चलेगा, कह नहीं सकते।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि ज्ञानवापी मस्जिद में क्या हो रहा है? इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि ज्ञानवापी मस्जिद में खुदाई नहीं हो रही है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद में एक सप्ताह तक खुदाई का काम नहीं कराने की बात कही। फोटोग्राफी और राडार इमेजिंग के जरिए सर्वे कराने की बात कही गई। एएसआई की ओर से कहा गया कि हम लोग केवल सर्वे का काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मुस्लिम पक्ष मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट जाए।
इसके बाद एएसआई के सर्वे पर कोर्ट ने 26 जुलाई तक रोक लगाने का आदेश दिया। अब पूरा फोकस इलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ हो गया है। 26 जुलाई की शाम 5 बजे तक ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई की टीम सर्वे नहीं कर पाएगी। हाई कोर्ट को स्टे खत्म होने से पहले फैसला देने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ जिला कोर्ट के एएसआई सर्वे पर भी रोक लगा दी है। इसे मुस्लिम पक्ष को राहत के रूप में देखा जा रहा है।
बीते 21 जुलाई को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य स्थान के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया है। एएसआई को चार अगस्त तक अदालत के समक्ष सर्वे रिपोर्ट पेश करनी है।