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Gyanvapi Survey: नमाज वाली जगह का भी हुआ सर्वे, ज्ञानवापी से बाहर निकले अधिवक्ताओं ने बताया- ASI ने क्या किया

Mon, 24 Jul 2023 01:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी परिसर से बाहर निकलने के बाद हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर नंदन चतुर्वेदी ने मीडिया से बातचीत की। कहा कि सर्वे में मसाजिद कमेटी ने सहयोग नहीं किया। सोमवार सुबह सात बजे से सर्वे शुरू हुआ था। एएसआई की चार टीमों ने पूरे परिसर का नाप-जोख और पैमाइश की। 
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ज्ञानवापी परिसर के बाहर हिंदू पक्ष की महिलाएं और उनके अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Gyanvapi News: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के एएसआई द्वारा वैज्ञानिक सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि 26 जुलाई को शाम 5 बजे तक कोई सर्वे ना किया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष से हाईकोर्ट जाने को कहा है। इधर, शीर्ष अदालत का आदेश आते ही ज्ञानवापी परिसर का सर्वे रोक दिया गया। तब तक करीब पांच घंटे की कार्रवाई हो चुकी थी। सर्वे बंद होने पर सबसे पहले डीएम और मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ज्ञानवापी से बाहर निकले। फिर एएसआई की टीम, वादी महिलाएं और उनके अधिवक्ता बाहर आए। वादिनी लक्ष्मी देवी ने कहा कि हम सर्वे से संतुष्ट हैं। नमाज वाली जगह का भी सर्वे हुआ। 

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हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर नंदन चतुर्वेदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सर्वे को रोक दिया गया। सोमवार सुबह सात बजे से सर्वे शुरू हुआ था। एएसआई की चार टीमों ने पूरे परिसर का नाप-जोख और पैमाइश की। इस दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी हुई। चारों ओर की दीवार मापी गई। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई की टीम सर्वे शुरू करेगी।
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अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार

वहींअधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि सर्वे में मुस्लिम पक्ष ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया। बताया कि एएसआई की टीम पश्चिम दीवार और बाहरी हिस्सों में डीजीपीएस नामक मशीन से नाप-जोख कर रही थी। अभी काम शुरू ही हुआ था कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे का ऑर्डर आ गया। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है। दो दिन तक अब सर्वे नहीं होगा। अधिवक्ताओं की टीम जब बाहर निकली तो हर हर महादेव का जयघोष हुआ। सर्वे और सावन के सोमवार को देखते हुए वाराणसी जिला हाईअलर्ट पर है। 

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हिंदू पक्ष बोला-हमें यकीन है कि पूरा परिसर मंदिर का ही है

ज्ञानवापी पहुंची सर्वेक्षण टीम - फोटो : अमर उजाला
सर्वे शुरू होने से पहले ज्ञानवापी मामले पर हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि हमें यकीन है कि पूरा परिसर मंदिर का ही है। सर्वे का परिणाम हमारे अनुकूल होगा। वहीं याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने कहा कि यह हमारे लिए हिंदू समुदाय और करोड़ों हिंदुओं के लिए बहुत ही गौरवशाली पल है। सर्वे ही इस ज्ञानवापी मुद्दे का एकमात्र समाधान है। हिंदू पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि ज्ञानवापी का सर्वे हो रहा है। ये हमारे लिए अच्छी बात है। सर्वे कब तक चलेगा, कह नहीं सकते।

सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को राहत

ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि ज्ञानवापी मस्जिद में क्या हो रहा है? इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि ज्ञानवापी मस्जिद में खुदाई नहीं हो रही है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद में एक सप्ताह तक खुदाई का काम नहीं कराने की बात कही। फोटोग्राफी और राडार इमेजिंग के जरिए सर्वे कराने की बात कही गई। एएसआई की ओर से कहा गया कि हम लोग केवल सर्वे का काम कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मुस्लिम पक्ष मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट जाए।

इसके बाद एएसआई के सर्वे पर कोर्ट ने 26 जुलाई तक रोक लगाने का आदेश दिया। अब पूरा फोकस इलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ हो गया है। 26 जुलाई की शाम 5 बजे तक ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई की टीम सर्वे नहीं कर पाएगी। हाई कोर्ट को स्टे खत्म होने से पहले फैसला देने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी के साथ जिला कोर्ट के एएसआई सर्वे पर भी रोक लगा दी है। इसे मुस्लिम पक्ष को राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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चार अगस्त को पेश करनी है सर्वे रिपोर्ट

बीते 21 जुलाई को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य स्थान के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया है। एएसआई को चार अगस्त तक अदालत के समक्ष सर्वे रिपोर्ट पेश करनी है।

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