Gyanvapi Case: ज्ञानवापी से संबंधित लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद में वादी हरिहर पांडेय के स्थान पर उनके पुत्रों को पक्षकार बनाए जाने के मुद्दे पर आवेदन को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
ज्ञानवापी के 1991 के प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग मामले में वादी रहे दिवंग हरिहर पांडेय के बेटों को पक्षकार बनाने की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने हरिहर पांडेय के नाम के आगे मृतक लिखने का आवेदन स्वीकार कर लिया। वहीं, शैलेंद्र पाठक को पक्षकार बनाए जाने के मुद्दे पर अदालत ने 7 मार्च को सुनवाई करने का फैसला किया है।
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हरिहर पांडेय के बेटे प्रणय शंकर पांडेय और करण शंकर पांडेय की तरफ से अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णुशंकर जैन और आशीष श्रीवास्तव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में आवेदन दिया था। इसका लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने विरोध किया था। अदालत ने बुधवार को मामले की सुनवाई की और पक्षकार बनाने की अर्जी खारिज कर दी है।