ज्ञानवापी के लॉर्ड अविमुक्तेश्वर केस और निगरानी अर्जी पर सुनवाई टल गई है। दोनों मामलों में अगली तारीख पड़ गई है। लॉर्ड अविमुक्तेश्वर केस में पांच अप्रैल को तो ज्ञानवापी से संबंधित निगरानी अर्जी पर आठ अप्रैल को सुनवाई होगी।
सिविल जज सीनियर डिविजन/ एफटीसी प्रशांत कुमार की अदालत में शुक्रवार को ज्ञानवापी से संबंधित एक मामले की सुनवाई टल गई। कोर्ट ने पांच अप्रैल की अगली तिथि नियत की है।
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लॉर्ड अविमुक्तेश्वर वाद में वादी हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्त व अजीत सिंह की तरफ से आवेदन देकर ज्ञानवापी के आराजी नंबर-9130 का अमीन से सर्वे कराने का अनुरोध किया गया है। कहा है कि उस आराजी पर जो भी देवदान और वस्तुएं पाई जाएं, उनकी रिपोर्ट दें। वादी के खर्चे पर फोटोग्राफी कराकर कोर्ट में दाखिल की जाए। इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल की जानी है।
बता दें कि विष्णु गुप्ता आदि ने कोर्ट में वाद दाखिल कर कहा कि गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित करने और ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग के राग भोग व पूजा दर्शन एवं अन्य धार्मिक आयोजन करने की अनुमति देने की मांग की गई थी।
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ज्ञानवापी से संबंधित निगरानी अर्जी पर सुनवाई टली
एडीजे सप्तम की कोर्ट में शुक्रवार को ज्ञानवापी परिसर में उर्स सहित अन्य धार्मिक आयोजनों की मांग के मामले में हिंदू पक्ष के लोगों को पक्षकार बनाने के खिलाफ लंबित निगरानी अर्जी पर सुनवाई टल गई। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। अब आठ अप्रैल को सुनवाई होगी।
सिविल जज सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में उर्स सहित अन्य धार्मिक आयोजनों की अनुमति देने संबंधी मुख्तार अहमद के वाद में तृतीय पक्षकार हिंदुओं को बनाने का आवेदन स्वीकार किया है। इस आदेश के खिलाफ मुख्तार अहमद ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की है। इसी अर्जी पर सुनवाई होनी है।