अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाकी, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन ने विवादित बयान दिया जो आपराधिक श्रेणी मेंआता है। इसलिए इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
अदालत ने कई सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी थी। वादी ने आदेश को जिला जज की अदालत में निगरानी अर्जी के जरिए चुनौती दी। जिला जज की अदालत ने केस को एडीजे कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। एडीजे कोर्ट ने नोटिस जारी कर सभी से जवाब मांगा है।