वाराणसी में ज्ञानवापी से संबंधित शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति और बंद तहखानों के एएसआई सर्वे सहित अन्य मामलों में सोमवार को सुनवाई हुई। वहीं जिला जज की अदालत ज्ञानवापी मामले की 22 सितंबर से सुनवाई करेगी।
ज्ञानवापी परिसर से जुड़े मामले में जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत 22 सितंबर को सुनवाई करेगी। शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति और बंद तहखानों के एएसआई सर्वे सहित अन्य मामलों में सोमवार को सुनवाई हुई है। इसमें जय प्रकाश राजभर की अर्जी का विरोध किया गया। साथ ही अर्जी पर सुनवाई न करने का अनुरोध किया गया।
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सुनवाई की अगली तिथि तय करके जिला जज की अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को 22 सितंबर को उपस्थित रहने का आदेश दिया है। दरअसल, चोलापुर के महमूदपुर निवासी जयप्रकाश रामचंदर राजभर ने पक्षकार बनाए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने यह प्रार्थना पत्र 24 मई 2025 को दाखिल किया था। बाद में उनके अधिवक्ता ने इसे वापस लेने की अनुमति मांगी थी। इस पर मंदिर पक्ष ने आपत्ति जताई थी।
मंदिर पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी और सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने विरोध किया था। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से मुमताज अहमद और रईस अहमद ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। सोमवार को जयप्रकाश की ओर से एक संशोधित प्रार्थना पत्र पेश किया गया। इस संशोधित प्रार्थना पत्र पर भी सभी पक्षकारों ने आपत्ति जताई है।