वजूखाने की सफाई के दौरान गेट नंबर चार से बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन की व्यवस्था में बदलाव किया गया था। ज्ञानवापी की तरफ से दर्शनार्थियों को बाबा विश्वनाथ के गर्भ गृह की तरफ नहीं जाने दिया गया। वहीं, जिन श्रद्धालुओं के पास सुगम दर्शन का टिकट था या फिर जिनका प्रोटोकॉल लगा हुआ था, उन्हें प्रोटोकॉल ऑफिस से मां शृंगार गौरी वाले रास्ते से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भेजा गया।
बदबू इतनी कि नाक पर रूमाल रखना भी काम नहीं आ रहा था
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि वजूखाने में गंदगी और मृत मछलियों के कारण बहुत ज्यादा दुर्गंध थी। मॉस्क, मफलर और रूमाल भी काम नहीं कर रहा था। सफाई के बाद स्थिति में सुधार आया। उन्होंने बताया कि वजूखाने में मिले शिवलिंग के अरघे में पानी की सप्लाई वाले कनेक्शन को प्लंबर बुलाकर कटवा दिया गया। वजूखाने की दो टंकियां हैं, उनमें पानी न जाने पाए, यह व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। सारा काम दोनों पक्षों की सहमति से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है।
मछलियों को किसी मस्जिद के हौज में डलवाएंगे
मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने बताया कि ज्ञानवापी में जिंदा मिली मछलियों को किसी मस्जिद के हौज में डलवाएंगे। फिलहाल, उन्हें पर्याप्त पानी में सुरक्षा के साथ रखा गया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से वजूखाने की सफाई का काम संपन्न हुआ है।