ज्ञानवापी से जुड़े श्रृंगार गौरी मूल वाद में वादिनी राखी सिंह की तरफ से प्रतीक चिन्हों, देव विग्रहों को सुरक्षित व संरक्षित करने के आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। यह मामला भी जिला जज की अदालत में विचाराधीन है। इसके जरिये ज्ञानवापी परिसर में मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग भी की गई है।
वहीं, ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए पूजा-अर्चना की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। यह मामला सिविल जज शिखा यादव की अदालत में विचाराधीन है। शहर के शैलेंद्र योगीराज ने अधिवक्ता डॉ. एसके द्विवेदी व भूपेंद्र सिंह के जरिये अदालत का दरवाजा खटखटाया है।