बृजेश सिंह से दूरी की चर्चाएं हुईं तो विजय मिश्र ने यह जताया और दिखाया कि उनसे कटु संबंध नहीं हैं। इसी तरह से प्रयागराज के अतीक अहमद से भी विजय मिश्र के संबंध कैसे हैं, यह कभी उजागर नहीं हुआ और दोनों की राह अलग-अलग ही दिखी।
विजय मिश्र ने अलग राह पकड़ी, लेकिन जिले के बाहर के रसूखदारों से उनके संबंध कभी खराब नहीं हुए। भदोही जिले में अपनी धमक बनाए रखी और दूसरों को हमेशा तगड़ी चुनौती दी।
रिश्तेदार की संपत्ति कब्जा करने के प्रयास के आरोप में जेल भेजे गए विजय मिश्र को जानने वाले कहते हैं कि वह इन मुश्किलों से पार पाने की जुगत में लगे हैं। आरोपों से बरी होंगे और जल्द ही भदोही जिला पंचायत चुनाव की राजनीति में व्यस्त होने की कोशिश करेंगे।