लगातार तीन बार ज्ञानपुर विधानसभा सीट जीतकर सपा की झोली में डाल चुके विधायक विजय मिश्र टिकट कटने के बाद बागी हो गए ।
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सोमवार को उन्होंने सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ सपा के जिला महासचिव राजितराम यादव और उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव समेत पार्टी के कई बड़े नेताओं ने भी पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया।
विधायक का टिकट कटने की खबर पाकर उनके कौलापुर स्थित आवास पर पहुंचे समर्थकों को संबोधित करते हुए विजय मिश्र ने कहा कि अखिलेश और रामगोपाल मेरी हत्या करवा सकते हैं।
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सैफई परिवार में चाचा-भतीजे के बीच छिड़ी जंग के बीच मुलायम सिंह के हाथों जारी की गई सपा प्रत्याशियों की पहली सूची में ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र का नाम शामिल किया गया था।
लेकिन, बाद में अखिलेश के पार्टी का सर्वेसर्वा बनने के बाद रविवार को सार्वजनिक हुई सूची से विधायक का पत्ता कट गया। इसके बाद समर्थकों में उबाल आ गया।
सूचना मिलते ही सोमवार को विधायक के कौलापुर स्थित आवास पर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई।
इससे पूर्व प्रेसवार्ता में विजय मिश्र ने सपा प्रत्याशी रामरति बिंद का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि जिसे पार्टी ने टिकट दिया है, उसी ने 2009 में एक मीटिंग के दौरान कहा था कि मुलायम सिंह ने फूलन देवी की हत्या कराई थी।
मेरे सीने में बहुत से राज दफन, उगलूंगा तो बड़े-बड़े लोग हो जाएंगे बेनकाब
ज्ञानपुर विधानसभा से सपा विधायक विजय मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि मेरे सीने में बहुत से ऐसे राज दफन हैं, जिन्हें मैं खोलना नहीं चाहता। उगलूंगा तो बड़े-बड़े लोग बेनकाब हो जाएंगे।
सवाल उठाते हुए कहा कि 2002, 2007 और 2012 में जब पार्टी ने बुलाकर टिकट दिया, तब मैं दागी नहीं था? कहा कि भदोही जिले में कोई नहीं कह सकता कि विजय मिश्र ने अपने लिए एक विस्वा जमीन लिखवाई, किसी की जमीन पर कब्जा किया या कोई भ्रष्टाचार अथवा किसी के साथ गलत किया।
जबकि सपा के तमाम बड़े नेता भ्रष्टाचार की जांच की जद में हैं।
सपा से इस्तीफा देने वाले कुछ प्रमुख लोग
सपा जिला महासचिव राजित राम यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव, पूर्व विधायक शारदा प्रसाद बिंद, ज्ञानपुर ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा, डीघ ब्लॉक प्रमुख नीता स्वर्णकार, अभोली ब्लॉक प्रमुख साधना सरोज, सीखड़, मझवां, कौशांबी ब्लॉक प्रमुखों के अलावा गोपीगंज नगर पालिका चेयरमैन प्रहलाद दास गुप्ता, ज्ञानपुर चेयरमैन हीरालाल मौर्या, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सीमा मिश्रा, मनोज अंबष्ट, युवजन सभा के प्रदेश सचिव गणेश दुबे, लोहिया वाहिनी के पूर्व अध्यक्ष रवींद्र पाल, सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मजीद अंसारी, रीना सोनकर, शीतला प्रसाद बिंद समर्थकों के अलावा तकरीबन 50 गांवों के ग्राम प्रधान और पूर्व प्रधान शामिल रहे।