उत्तर रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज में प्लेटफार्म संख्या नौ और दस बंद होने के कारण कई ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चल रही हैं। ज्ञान गंगा ट्रेन भी बनारस, माधोसिंह रोड और प्रयागराज होते हुए पुणे जाती है। मगर, डायवर्जन के चलते यह ट्रेन बनारस, कैंट, काशी और व्यासनगर स्टेशन, चुनार होते हुए छिवकी और फिर पुणे के लिए निकल रही है। कैंट से छिवकी तक उत्तर मध्य रेलवे के गार्ड को ज्ञान गंगा ट्रेन लेकर जाना था और छिवकी से फिर जबलपुर का गार्ड ट्रेन लेकर आगे रवाना होता।
उत्तर रेलवे के एक परिचालन अधिकारी ने बताया कि ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले गार्ड को क्रू लॉबी में सीएमएस पर साइनिंग ऑन कराना अनिवार्य होता है। इसके बाद उसे प्लेटफार्म तक पहुंचने में चार से पांच मिनट का समय लगता है। हालांकि यह तय है कि ट्रेन पर सवार होने के आधे घंटे पहले क्रू लॉबी में पहुंचना जरूरी होता है।
गार्ड की लापरवाही पर उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। प्लेटफार्म पर ट्रेन के खुलने के समय से काफी देर बाद गार्ड पहुंचा था, उसे चार्ज नहीं दिया गया। उसकी वजह से ट्रेन लेट हुई। इस दशा में उत्तर रेलवे के एएसएम अशोक कुमार को ट्रेन के साथ भेजा गया। - गौरव दीक्षित, स्टेशन निदेशक, वाराणसी कैंट
यह घटना उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वाराणसी कैंट में हुई है। इसकी जैसी रिपोर्ट आएगी, उस तरह की कार्रवाई होगी। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल
बनारस स्टेशन से कैंट स्टेशन तक एनईआर का गार्ड ट्रेन लेकर गया था। कैंट से छिवकी तक एनसीआर के गार्ड को ट्रेन लेकर जाना था। किन कारणों से वह नहीं पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं है। - अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल