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Railway: वाराणसी में गार्ड के इंतजार में एक घंटे खड़ी रही ज्ञान गंगा एक्सप्रेस, यात्रियों ने किया हंगामा

Thu, 19 Oct 2023 12:27 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

उत्तर मध्य रेलवे के गार्ड रामधनी की लापरवाही के चलते बुधवार की सुबह ज्ञानगंगा एक्सप्रेस एक घंटे तक कैंट स्टेशन पर खड़ी रही। ट्रेन न खुलने पर यात्रियों ने हो-हल्ला भी मचाया। आपातकालीन स्थिति में सहायक स्टेशन मास्टर आनन-फानन में ट्रेन लेकर रवाना हुए। 
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वाराणसी कैंट स्टेशन - फोटो : फाइल
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विस्तार
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उत्तर मध्य रेलवे के गार्ड रामधनी की लापरवाही के चलते बुधवार की सुबह ज्ञानगंगा एक्सप्रेस एक घंटे तक वाराणसी के कैंट स्टेशन पर खड़ी रही। ट्रेन न खुलने पर यात्रियों ने हो-हल्ला भी मचाया। आरपीएफ और जीआरपी ने किसी तरह यात्रियों को समझाया। सीनियर डीओएम के आदेश पर आपातकालीन स्थिति में सहायक स्टेशन मास्टर आनन-फानन में ट्रेन लेकर रवाना हुए। उधर, परिचालन अधिकारियों के अनुसार गार्ड तय समय पर नहीं पहुंचा था तो उसे चार्ज नहीं दिया गया। गार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए कैंट स्टेशन निदेशक ने एनसीआर जोन को पत्र लिखा है।

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बनारस से पुणे जाने वाली ट्रेन संख्या 22132 ज्ञान गंगा एक्सप्रेस सुबह अपने निर्धारित समय 4.25 बजे बनारस स्टेशन से खुलती है। यह ट्रेन पौने छह घंटे देरी से थी। 10.50 बजे बनारस स्टेशन से चली और 11.05 बजे कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। यहां से उत्तर मध्य रेलवे के गार्ड रामधनी को ट्रेन लेकर जाना था, लेकिन वह तय समय पर नहीं पहुंचा।

गार्ड के इंतजार में ट्रेन के खड़ी होने की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम में फोन घनघनाने लगे। इस बीच गार्ड रामधनी देरी से पहुंचा तो उसे डिप्टी एसएस ने यह कहते हुए चार्ज नहीं दिया कि उच्चाधिकारियों ने चार्ज देने से मना किया है। सीनियर डीओएम ने आउटडोर के सहायक स्टेशन मास्टर अशोक कुमार को आदेश दिया कि गार्ड की भूमिका में ट्रेन लेकर रवाना हों। एएसएम अशोक कुमार ज्ञान गंगा ट्रेन लेकर दोपहर 12.05 बजे कैंट से रवाना हुए।

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कैंट से छिवकी तक जाना था गार्ड को

उत्तर रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज में प्लेटफार्म संख्या नौ और दस बंद होने के कारण कई ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चल रही हैं। ज्ञान गंगा ट्रेन भी बनारस, माधोसिंह रोड और प्रयागराज होते हुए पुणे जाती है। मगर, डायवर्जन के चलते यह ट्रेन बनारस, कैंट, काशी और व्यासनगर स्टेशन, चुनार होते हुए छिवकी और फिर पुणे के लिए निकल रही है। कैंट से छिवकी तक उत्तर मध्य रेलवे के गार्ड को ज्ञान गंगा ट्रेन लेकर जाना था और छिवकी से फिर जबलपुर का गार्ड ट्रेन लेकर आगे रवाना होता।

आधे घंटे पहले कराना होता है साइनिंग ऑन

उत्तर रेलवे के एक परिचालन अधिकारी ने बताया कि ट्रेन खुलने के आधे घंटे पहले गार्ड को क्रू लॉबी में सीएमएस पर साइनिंग ऑन कराना अनिवार्य होता है। इसके बाद उसे प्लेटफार्म तक पहुंचने में चार से पांच मिनट का समय लगता है। हालांकि यह तय है कि ट्रेन पर सवार होने के आधे घंटे पहले क्रू लॉबी में पहुंचना जरूरी होता है।
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गार्ड की लापरवाही पर उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। प्लेटफार्म पर ट्रेन के खुलने के समय से काफी देर बाद गार्ड पहुंचा था, उसे चार्ज नहीं दिया गया। उसकी वजह से ट्रेन लेट हुई। इस दशा में उत्तर रेलवे के एएसएम अशोक कुमार को ट्रेन के साथ भेजा गया। - गौरव दीक्षित, स्टेशन निदेशक, वाराणसी कैंट
यह घटना उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वाराणसी कैंट में हुई है। इसकी जैसी रिपोर्ट आएगी, उस तरह की कार्रवाई होगी। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल
बनारस स्टेशन से कैंट स्टेशन तक एनईआर का गार्ड ट्रेन लेकर गया था। कैंट से छिवकी तक एनसीआर के गार्ड को ट्रेन लेकर जाना था। किन कारणों से वह नहीं पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं है। - अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल
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