राम नाम का अंगवस्त्र भेंट करतीं महिलाएं
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इस अवसर पर पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास ने कहा कि पातालपुरी मठ ईश्वर का स्थान है। यहां धर्म-जाति का भेद नहीं हो सकता। छूआछूत खत्म करने के लिये मठ आंदोलन चला रहा है। सभी धर्मों के मूल में है मानवता, सेवा और देशभक्ति। मुस्लिम समुदाय के लोग भी मठ के शिष्य हैं। यहां होने वाली रामकथा में भी मुस्लिम समुदाय के लोग भी भाग लेते हैं।
इस अवसर पर अर्चना भारतवंशी, नजमा परवीन, सोनी अंसारी, रूखसाना, रूखसार, शहनाज, अजमती, रशीदा, मैमुननिशा, इब्राहिम, हबीबुल्ला, मजीद अंसारी, मंजुरूलहक, नसरूद्दीन, महताब आलम, धनंजय यादव, शिवेन्द्र सिंह, खुशी रमन, उजाला, शालिनी, दक्षिता भारतवंशी आदि लोग मौजूद रहे।