मुठभेड़ के बाद जिला अस्पताल में तैनात भारी पुलिस फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला
रामअवध चौबे की हत्या के 14 घंटे बाद पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को मार दिया। एसपी अजय साहनी के मुताबिक मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बहरा पीली नदी के समीप हाईवे और रेलवे क्रासिंग के बीच मुठभेड़ हुई। बदमाशों की पहचान अभिषेक गौतम निवासी सरोखनपुर थाना बदलापुर और नितिन मौर्य निवासी सिरकिना थाना सिंगरामऊ के रूप में हुई है। अमर उजाला के माध्यम से जब दोनों बदमाशों के एनकाउंटर की खबर गार्ड की पत्नी रंजू देवी को मिली तो उन्होंने कहा कि बदमाशों के मारे जाने से उनके कलेजे को ठंडक जरूर पहुंची है। लेकिन, आर्थिक स्थिति कमजोर होने के नाते शव को वह घर नहीं ला सकी। यह दुख भी दर्द दे रहा है।
बीरबलपुर निवासी रामअवध चौबे ने आठ साल पहले गार्ड के तौर पर एजीएस कंपनी में नौकरी शुरू की थी। रामअवध अपनी दो संतानों में बड़ी बेटी 19 वर्षीय अंशिका की शादी कर चुके थे। वहीं 15 वर्षीय पुत्र हरिओम दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। उनकी हत्या की खबर आते ही घर पर कोहराम मच गया। मां विमला देवी व पत्नी रंजू देवी बेसुध हो जा रही थीं। घटना से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। ढांढस बंधाने के लिए घर पर ग्रामीणों का तांता लगा है।
इस संदर्भ में एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार का कहना है कि पुलिस पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगा। आर्थिक सहयोग दिलाया जाएगा। पीड़ित परिवार पर किसी तरह का दवाब नहीं बनाया गया। गार्ड के बेटे ने ही शव को मुखाग्नि दी।