एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन प्रदीप कुमार ने कहा कि पीएनयू क्लब में जिन दस्तावेजों की जांच की गई, उसमें 18 लाख रुपये कम जीएसटी जमा कराने का मामला सामने आया है। क्लब के पदाधिकारियों से इसकी जानकारी दी गई है। साथ ही जल्द ही बकाया धनराशि जमा कराने का लक्ष्य दिया गया है। यदि जीएसटी नहीं जमा कराई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीएनयू क्लब के अध्यक्ष अंबुज किशोर नारायण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2022 से क्लबों के लिए नियम बदला है। जीएसटी की टीम रूटीन जांच के तहत आई थी। कम जीएसटी जमा कराने जैसी कोई बात नहीं है।
पीएनयू क्लब में इस समय एक हजार से अधिक सदस्य हैं। क्लब की ओर से सदस्यों को खेलकूद, मनोरंजन सहित कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। इसके लिए सदस्यता शुल्क भी जमा कराता है।