वहीं जिनकी वार्षिक बिक्री 1.50 करोड़ से अधिक है और वार्षिक बिक्री 1.50 करोड़ से कम है, उनके लिए अंतिम तिथि अगले माह की 13 तारीख तय की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से भले व्यापारियों को शुरू में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन अब फर्जी बिलिंग व गलत तरीके से आईटीसी लेने वालों पर अंकुश लगेगा। वहीं, कैट के पूर्वांचल प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने कहा कि जीएसटी के नये प्रावधानों से डीलर की तरफ से समय से बिल अपडेट न करने पर विक्रेताओं के लिए मुसीबतें बढ़ सकती है। वजह, सर्वर और नेट की समस्या के चलते ऐसा संभव है।