टेंट हाउस फर्म में भी अनियमितताएं
जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया है कि उसी परिसर से संचालित कैटरिंग और टेंट हाउस फर्म में भी अनियमितताएं मिलीं। इस फर्म का जीएसटी पंजीयन मार्च 2026 में निरस्त किया गया था। जुलाई 2025 से कोई रिटर्न नहीं भरा गया था, फिर भी यह बड़े पैमाने पर व्यवसाय कर रही थी। जब्त रजिस्टर और बिल की पड़ताल में 2022-23 से अब तक 2 से 2.5 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री सामने आई। फर्म शैक्षणिक संस्थानों को टेंट आपूर्ति को गैरकानूनी रूप से करमुक्त दिखा रही थी।
अधिकारी बोले
मैनपावर आपूर्ति असंगठित क्षेत्र से जुड़ी है। इसमें वास्तविक इनपुट टैक्स क्रेडिट की गुंजाइश कम रहती है। इससे सुनियोजित कर चोरी सामने आई है। व्यापारी फर्जी बिलों और अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट से दूर रहें। ईमानदार करदाताओं को जीएसटी विभाग का पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। -दीप्ति कटियार, जोनल अपर आयुक्त ग्रेड-2