बीते 10 माह में पूर्वांचल क्षेत्र से करीब 50 हजार टन से अधिक अनाज, फल और सब्जियां का नेपाल, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और कतर को निर्यात हो चुका है।
वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे से शुक्रवार को पहली बार कतर की राजधानी दोहा के लिए बनारस से 2400 किलो भिंडी और कुंदरु का निर्यात किया गया। इससे पहले बनारस और चंदौली के किसानों ने 2020 में चावल भेजा था। एपीडा के महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुडे़ किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से लगातार खाड़ी देशों में फल, सब्जी और अनाज का निर्यात किया जा रहा है।
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बीते साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कतर की राजधानी दोहा को चावल निर्यात के बाद पहली बार बनारस के किसानों का जया सीड्स एफपीओ के माध्यम से 2400 किलो भिंडी और कुंदरु का निर्यात किया गया। बीते 10 माह में पूर्वांचल क्षेत्र से करीब 50 हजार टन से अधिक अनाज, फल और सब्जियां का नेपाल, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और कतर को निर्यात हो चुका है।
जहाजों की कमी से कम हो रहा है निर्यात
खाड़ी देश सहित यूरोपीय देशों में सब्जियों की खूब मांग है, लेकिन बनारस हवाई अड्डे से एयर इंडिया, एयर विस्तारा आदि एयरलाइंस के पास ट्रांसशिपमेंट बांड नहीं है। जिससे सीमित जहाजों में ही निर्यात किया जा सकता है। वर्तमान में बाबतपुर हवाई अड्डे से पूर्वांचल के किसानों के कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो एयरलाइंस की दो से तीन हवाई जहाज हैं, जिनसे प्रतिदिन दो से तीन टन तक ही निर्यात हो पा रहा है।