इसके बनने से वाराणसी होते हुए बिहार, झारखंड और बंगाल पहुंचना आसान हो जाएगा। काशी-कोलकाता नए एक्सप्रेसवे से चंदौली, भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो, रांची, पुरुलिया का सीधा संपर्क हो जाएगा। इसके अलावा बिहार से होकर पटना, कोलकाता और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक आरएस यादव ने कहा कि वाराणसी-कोलकाता आठ लेन सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रूट पर सर्वे कराया गया है। लागत के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है। जल्द ही डीपीआर सड़क परिवहन मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
एनएचएआई की इस परियोजना के बाद पूर्वांचल सड़कों की जाल से पूरी तरह घिर जाएगा। वर्तमान में प्रयागराज और लखनऊ के सिक्स लेन जुड़ाव के चलते दिल्ली का सफर आसान है। अब कोलकाता तक आठ लेन की सड़क के बाद वाराणसी नए औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इस आठ लेन के एक्सप्रेसवे के बनने से वाराणसी से कोलकाता की दूरी महज 6 से 7 घंटे में पूरी होगी।