सारनाथ के मूलगंध कुटी विहार के बौद्ध मंदिर की दीवारों पर भगवान बुद्ध की जन्म से लेकर महापरिनिर्वाण तक के भित्तिचित्रों के संरक्षण का कार्य जापानी पद्धति से बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। भित्तिचित्र के संरक्षण का कार्य टोकियो आर्ट ऑफ कालेज के छह विशेषज्ञ कर रहे हैं। जापान द्वारा संरक्षण का कार्य भित्तिचित्र बनने के 83 वर्ष बाद किया जा रहा है।
भित्तिचित्र के संरक्षण के पूर्व जापानी परंपरानुसार सफ लता एवं विश्व शांति के लिए विशेष पूजा हुई। पूजा का नेतृत्व जापान के बौद्ध धर्मगुरु मिनामिसवा डोनिन ने किया। यह पूजा लगभग 45 मिनट तक चली। इस दौरान महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु के मेधांकर थेरो सहित अन्य बौद्ध भिक्षु उपस्थित थे।