पैसा, शराब और कपड़ा बांटने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। जिन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है उनकी गाड़ियों में जीपीएस लगाया जा रहा है। विधानसभा चुनाव में उड़नदस्ता टीम और स्टेटिक सर्विलांस टीम की गाड़ियों में जीपीएस लग रहा है।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार स्टेटिक मजिस्ट्रेट की 34 गाड़ियों में जीपीएस लगाया जा रहा है। जीपीएस लगी गाड़ियों से अधिकारी और आयोग पूरी तरीके से नजर रखेंगे। कहीं किसी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल वहां फोर्स मुहैया कराई जाएगी। हरेक विधानसभा के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई है। हर टीम में एक पुलिस पदाधिकारी, एक मजिस्ट्रेट और एक वीडियोग्राफर होंगे। उड़नदस्ता टीम आचार संहिता की निगरानी करेगी। अगर कहीं कोई चुनाव को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटे जा रहे हों, शराब या कपड़े बांटे जा रहे हों या हथियार के बल पर मतदाताओं को धमकाने की कोशिश कर हों तो उसके खिलाफ उड़नदस्ता टीम प्राथमिकी दर्ज करा सकती हैं।
जीपीएस डिवाइस के जरिए गाड़ियों पर निगरानी की जाती है। साथ ही किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर उन्हें ट्रैक करने में आसानी होती है। आयोग के निर्देश पर स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की गाड़ी में जीपीएस लगाने का क्रम जारी है। 34 गाड़ियों में जीपीएस लगेगा।-दयाशंकर उपाध्याय, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी