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परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद की जन्मभूमि पर आना मेरा सौभाग्यः राम नाईक

Sun, 10 Sep 2017 08:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,गाजीपुर
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राज्यपाल राम नाइक - फोटो : अमर उजाला
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भारतीय सेना दुनिया की श्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। चार पैटन टैंकों को ध्वस्त करने वाले अब्दुल हमीद जैसे वीर कभी-कभी पैदा होते हैं। 1965 के भारत पाक युद्ध में हमीद ने अदम्य शौर्य का प्रदर्शन किया था। मुझे आज उनकी जन्मभूमि को प्रणाम करने का अवसर मिला है, इसे मैं अपना सौभाग्य समझता हूं।
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ये बातें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने परमवीर चक्र से सम्मानित वीर अब्दुल हमीद के  52 वें शहादत दिवस पर उनके गांव धामूपुर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में कहीं। 

उन्होंने कहा कि गाजीपुर के अब्दुल हमीद को मिला परमवीर चक्र सम्मान जिले के लिए ही नहीं, प्रदेश के लिए भी अभिमान की बात है। मैं अब्दुल हमीद की जन्मभूमि उनके परिजनों और जिले के तमाम शहीदों के परिवारीजनों को प्रणाम करता हूं।
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कहा कि 1965 में पाकिस्तान ने हमला किया तो उसे दंभ था कि उस वक्त अजेय माने जाने अमेरिकी पैटन टैंकों की मदद से वह विजय प्राप्त कर लेगा, लेकिन गाजीपुर के माटी के लाल अब्दुल हमीद ने सीमित संसाधनों से एक-दो नहीं, बल्कि चार पैटन टैंकों ध्वस्त कर पाकिस्तान के मंसूबे को धराशायी कर पूरे विश्व में भारत के अदम्य साहस और वीरता का लोहा मनवाया।

आज हम अपने घरों में आराम से इसलिए सो पाते हैं, क्योंकि हमारे सैनिक सीमा पर मजबूती से खड़े रहते हैं। 
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राज्यपाल का सेना से रहा है विशेष जुड़ाव

राज्यपाल राम नाइक - फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल राम नाइक ने कहा कि मेरा सेना से विशेष जुड़ाव रहा है, कारगिल युद्ध के समय 449 जवान शहीद हुए, उस समय बतौर पेट्रोलियम मंत्री मैने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी को शहीदों के परिवारों को एक-एक पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी देने की सलाह दी थी।

जिसे उन्होंने तत्काल मान लिया। सभा में परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी ने कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।

शहीद परिवार की तरफ से राज्यपाल से मांग की गई कि जिले में मेडिकल कॉलेज और सेना में भर्ती होने के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर खोला जाए। जिससे कि युवक ट्रेनिंग लेकर सेना में भर्ती हो सके। एमएसली चंचल सिंह ने राज्यपाल राम नाईक को स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया। 
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