अन्य जिलों में भी यही है हाल
वाराणसी के साथ पूर्वांचल के कई जिलों में यही हाल है। आजमगढ़ में सबसे ज्यादा 1000 शिक्षक, जौनपुर में 600, गाजीपुर में 400, चंदौली में 350, सोनभद्र में 300 व मिर्जापुर में 250 शिक्षकों का अब तक प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिल सका है।
बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि 22 साल से कमेटी नहीं बनने की वजह से शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान का भुगतान नहीं किया गया था। जल्द ही शिक्षकों की समस्या दूर करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
केस 1
प्राथमिक विद्यालय अमरा खैराचक में सहायक अध्यापक पूनम देवी 23 साल पढ़ा चुकी हैं। अब तक उन्हें प्रोन्नत वेतनमान नहीं मिला। इसी स्कूल के विनोद व नुआंव प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक मीनाक्षी टंडन का भी यही हाल है। दोनों 23 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
केस -2
प्राथमिक विद्यालय घमहापुर में तैनात प्रधानाध्यापक कालिंदी देवी मार्च 2021 में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, लेकिन पूरे कार्यकाल में उन्हें प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया है। रिटायरमेंट में भी उन्हें वह रकम नहीं मिली।