सरकारी अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों को ब्लड बैंक से मुफ्त में खून देने की योजना बनाई गई है। एनआरएचएम के मिशन निदेशक ने आजमगढ़ में स्वैच्छिक रक्तदाता सम्मान समारोह के दौरान कहा कि इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव के तहत एक यूनिट पर आने वाले 400 रुपये प्रोसेसिंग खर्च को भी एनआरएचएम वहन करेगा। पहले भी एनआएचएम ब्लड बैंक पर आने वाले 50 फीसदी खर्च को वहन करता रहा है। माह के अंत तक इस पर शासनादेश आने की उम्मीद जताई जा रही है।
नवंबर 2016 में तय व्यवस्था के अनुसार ब्लड बैंक से अभी तक सरकारी अस्पतालों में भर्ती एनीमिया, प्रसव, बीपीएल कार्ड धारक और एचआईवी पीड़ित मरीजों को ही रक्त मुफ्त मिलता था। उन्हें रक्त के बदले में सिर्फ एक यूनिट रक्त देना पड़ता था। वहीं, सरकारी अस्पतालों में भर्ती अन्य मरीजों को एक यूनिट रक्त लेने के लिए रक्त देने के साथ 400 रुपये प्रोसेसिंग फीस चुकानी पड़ती थी।
प्लाज्मा और प्लेट्सलेट्स के लिए दो सौ रुपये चुकाने होते थे। प्राइवेट अस्पतालों को 1050 रुपये प्रोसेसिंग फीस देनी पड़ती थी। प्लाज्मा और प्लेट्सलेट्स के लिए तीन सौ रुपये चुकाने होते थे। अब एनआरएचएम की ओर से सरकारी अस्पतालों में भर्ती सभी मरीजों के लिए बिना किसी शुल्क के रक्त देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।