एसपी ईओडब्ल्यू प्रदीप कुमार ने बताया कि संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत 2002 से 2005 तक कोटेदार ने कुछ अधिकारियों से मिलीभगत कर योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं किया और श्रमिकों को खाद्यान उपलब्ध कराने के बजाय कोटेदारों से मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की।
यही नहीं, रसड़ा ब्लाक में जिला पंचायत अंश के अंतर्गत कराए गए कार्यों का फर्जी दस्तावेज तैयार 4400.01 क्विंटल खाद्यान के मूल्य 30,80007 रुपये का भुगतान भी करा लिया था। सरकारी धन का गबन करने मामले में रसड़ा थाना में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण में आरोपी पूर्व में भी कुछ कोटेदारों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था।