भारतेंदु हरिश्चंद्र की जयंती बुधवार को समारोह पूर्वक मनाई गई। सामजिक, सांस्कृतिक व साहित्यिक संस्था भारतेंदु अकादमी की ओर से जहां टाउनहाल मैदान से संदेश यात्रा निकाली गई। नवयुग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में उनके नाम पर व्याख्या केंद्र की स्थापना राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से की जा रही है। विद्यालय में उनके नाटकों का मंचन कर उन्हें याद किया गया।
अकादमी की ओर से टाउनहाल से निकाली गई संदेश यात्रा में भारतेंदु द्वारा लिखित अलग-अलग रचनाओं से संबंधित श्लोगन लिए लोग आगे-आगे चल रहे थे। विभिन्न मार्गों से होती हुए यात्रा वापस टाउनहाल गांधी प्रतिमा के पास पहुंची। यहां आयोजित संगोष्ठी में अकादमी के अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि भारतेंदु ने अपनी रचनाओं, नाटकों के माध्यम से राष्ट्र में हिंदी भाषा को शिखर पर पहुंचाने का काम किया। अपनी कलम की ताकत के
आधार पर अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ क्रांति का बिगुल बजाया था। इस दौरान त्रिवेदी, महासचिव डॉ. प्रभात शर्मा आदि ने मुख्यमंत्री से भारतेंदु हिंदी विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग की। उधर नवयुग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चौकाघाट पर जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतेंदु के जीवनी पर प्रकाश डाला। इस दौरान विद्यार्थियों ने नाटक
अंधेर नगरी चौपट राजा का मंचन किया। बतौर विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य डॉ. बेनी माधव ने छात्रों से भारतेंदु के विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। अतिथियों का स्वागत कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार पांडेय ने किया। हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सोहन लाल यादव ने भारतेंदु प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।