बलिया में हुए रागिनी हत्याकांड मामले में राज्यपाल राम नाईक ने डीजीपी से वार्ता की है तथा पीड़ित को सुरक्षा दिलाने को कहा है। सोमवार को राज्यपाल से मिलकर घर लौटे रागिनी के पिता जितेंद्र दूबे ने बताया कि राज्यपाल से रागिनी हत्याकांड की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट में कराने की भी मांग की गई है।
रागिनी के पिता जितेन्द्र दुबे ने बताया कि परिवार व रिश्तेदार समेत पांच सदस्यों ने राज्यपाल से सोमवार को लखनऊ में मुलाकात की। राज्यपाल ने परिजनों से करीब आधा घंटे तक बात की और रागिनी हत्याकांड के बाबत पूरी जानकारी ली।
राज्यपाल को बताया कि आरोपी जेल में बंद हैं, लिहाजा उनसे मिलने वाले लोगों पर भी नजर रखी जाए। कहा कि पुलिस की सुरक्षा तो मिली है लेकिन इसके बावजूद आरोपियों के नजदीकी भय पैदा करने का काम कर रहे हैं।
इसके लिए पुलिस ऐसी व्यवस्था करे ताकि परिवार के सदस्य कहीं भी भयमुक्त होकर आ-जा सकें। कहा कि राज्यपाल ने सुरक्षा दिलाने का भरोसा दिया है।
मालूम हो कि आठ अगस्त को गांव से स्कूल जाते समय रास्ते में काली मंदिर के पास दिनदहाड़े बदमाशों ने गला रेतकर रागिनी की हत्या कर दी थी।
इस मामले में गांव के प्रधान समेत पांच लोग आरोपित हैं जो इस समय जेल में हैं। एक सप्ताह पहले रागिनी की छोटी बहन की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छेड़खानी और धमकी देने के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।