सप्तचंडी यज्ञ में आएंगे दक्षिण और उत्तर भारत के भक्त
कार्तिक मास में काशी में महारुद्र व सप्त चंडी यज्ञ तीन नवंबर से शुरू होगा। तीन से पांच नवंबर तक शिवाला स्थित चेतसिंह किला परिसर में देशभर से साधु, संत व अखाड़ों के महामंडलेश्वर यज्ञशाला में आहुतियां डालेंगे। अनुष्ठान में तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु रामभ्रदाचार्य महाराज शामिल होंगे।
श्रीविशाखा शारदा पीठम् के पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंदेंद्र सरस्वती के आचार्यत्व में होने वाले अनुष्ठान में दक्षिण भारत सहित अन्य राज्यों से 10 हजार से अधिक साधु, संत व भक्त शामिल होंगे। स्वामी स्वरूपानंदेंद्र के उत्तराधिकारी स्वामी स्वात्मानंददेंद्र सरस्वती महाराज ने बुधवार को केदार घाट के पास मानसरोवर स्थित शारदा पीठ की शाखा में पत्रकारों को बताया कि तीन दिवसीय अनुष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रित किया गया है।
अनुष्ठान का शुभारंभ तीन नवंबर को सुबह गंगा स्नान के बाद विश्वनाथ दीक्षाधारण करने के साथ होगा। महारुद्र सहित शतचंडी यज्ञ, नवग्रह होम, चारों वेदों का जप, पाठ, कृष्ण यजुर्वेद हवन, सुंदरकांड का पाठ व हवन होगा। शाम पांच बजे से गंगा में दीपदान होगा। चार को श्रीशिव पार्वती कल्याण महोत्सव व कार्तिक दीपोत्सव होगा। अंतिम दिन मानसा देवी यंत्र आराधना, सीताराम कल्याण और राज्याभिषेक होगा।