वाराणसी के बीएचयू के एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या में वांछित 25 हजार के इनामी बदमाश प्रोफेसर उर्फ सनी उर्फ रूपेश वर्मा को शुक्रवार रात मुठभेड़ में लंका पुलिस ने लौटूबीर मंदिर के समीप से गिरफ्तार किया।
आमने-सामने की फायरिंग में प्रोफेसर की बाईं जांघ और संकटमोचन चौकी प्रभारी ईश्वर दयाल दुबे के दाईं बांह पर गोली लगी है। दोनों को रामनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया।
इस दौरान प्रोफेसर के साथ मौजूद रहा उसका दोस्त और गौरव की हत्या में वांछित रावण पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गौरव की हत्या में वांछित प्रोफेसर और रावण किसी वारदात को अंजाम देने रामनगर की ओर से शहर आ रहे हैं।
इस सूचना पर इंस्पेक्टर लंका ने एसआई ईश्वर दयाल दुबे, शैलेंद्र सिंह, अतुल सिंह, मुकेश चौहान के साथ लौटूबीर मंदिर के समीप घेरेबंदी की। बाईपास की ओर से आ रहे बाइक सवार दो युवकों को पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी। तकरीबन आठ से दस राउंड की फायरिंग में बदमाश प्रोफेसर और संकटमोचन चौकी प्रभारी घायल हो गए जबकि रावण अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकला।
घटनास्थल से पुलिस ने अपाचे बाइक, देसी पिस्टल और दो कारतूस कब्जे में लिया है। एसपी सिटी ने बताया कि प्रोफेसर की हालत में सुधार होने पर उससे पुलिस गौरव की हत्या के संबंध में पूछताछ करेगी। उधर, रावण की तलाश में देर रात तक लौटूबीर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की कांबिंग जारी रही।
लंका इंस्पेक्टर ने बताया कि बदमाश प्रोफेसर का नाम बक्सर में सोना लूटने की घटना में सामने आया था। प्रोफेसर अब तक पांच बार जेल जा चुका है। इसके अलावा छात्र गौरव की हत्या, डाफी बाईपास पर बाइक लूट, बीएचयू परिसर में 60 हजार रुपये का कैमरा छीनने सहित लूटपाट के अन्य मामलों का प्रोफेसर आरोपी है।
प्रोफेसर की तलाश बनारस के साथ ही बिहार पुलिस को भी थी। गिरफ्तार प्रोफेसर का जिला जेल में निरुद्ध पवन मिश्रा की वजह से बीएचयू परिसर में आना-जाना शुरू हुआ था। पवन के लिए प्रोफेसर और रावण प्रयागराज के हंडिया से शराब की तस्करी कर बिहार ले जाने का काम करते थे।
पवन के चलते कुमार मंगलम और रूपेश तिवारी से प्रोफेसर और रावण की करीबी हुई। दोनों बाहरी होते हुए भी बिड़ला सी हॉस्टल में ठहरते थे। कुमार मंगलम ने पूछताछ में पुलिस को जानकारी दी थी कि प्रोफेसर, रावण, रूपेश सहित अन्य ने चार पिस्टल से गौरव पर फायरिंग की थी।
घायल दरोगा ईश्वर दयाल दुबे मुठभेड़ की जानकारी पाकर बगैर बुलेट प्रूफ जैकेट के ही लौटूबीर मंदिर के समीप पहुंच गए थे। इसे लेकर पुलिस की खासी किरकिरी हुई और अधिकारियों ने नाराजगी भी जताई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि बदमाश की पिस्टल से निकली गोली यदि बांह की बजाय कहीं और लग जाती तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होता।