विश्वकर्मा पूजा दिवस पर सार्वजनिक अवकाश के लिए सामूहिक मुंडन कराकर विरोध जताया गया। आल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में समाज के लोगों ने सरकार की हठधर्मिता का विरोध किया। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के लोगों ने अवकाश के लिए अंतिम सांस तक लड़ने का संकल्प दोहराया।
बुधवार को पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम घाट पर विश्वकर्मा समाज की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की बात करने वाली भाजपा सरकार जातीय आधार पर देवी देवताओं एवं महापुरुषों के साथ भेदभाव और उनका अपमान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत भाजपा विश्वकर्मा पूजा पर्व की पौराणिक परंपरा संस्कृति और उसकी पहचान को खत्म करना चाहती है।
उन्होंने कहा अनेक देवी देवताओं व महापुरुषों के नाम पर सरकार ने 25 सार्वजनिक अवकाश घोषित कर रखा है तथा शैक्षिक पाठ्यक्रमों में भी उन्हें स्थान प्राप्त है। सृजनकर्ता देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा के सम्मान में पूर्व घोषित अवकाश को रद्द करके योगी सरकार ने भगवान विश्वकर्मा में आस्था रखने वाले सभी जाति धर्म वर्ग के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था पर गहरा आघात किया है। इस दौरान श्रीकांत विश्वकर्मा, नंदलाल विश्वकर्मा, डॉ प्रमोद कुमार विश्वकर्मा, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, दीनदयाल विश्वकर्मा, अजय विश्वकर्मा, महेंद्र विश्वकर्मा, सुरेश विश्वकर्मा महेंद्र विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।