काशी विद्यापीठ के कुलपति ने बताया कि देश में हाइब्रिड मॉडल कॉमन नहीं है। हमारे यहां या तो पूरी तरह से केंद्रीय विश्वविद्यालय है या फिर राज्य विश्वविद्यालय हैं। हाइब्रिड मॉडल में कुछ हिस्सा केंद्र सरकार का होता है और कुछ राज्य सरकार का।
उदाहरण के तौर पर पंजाब विश्वविद्यालय में 60 फीसदी हिस्सा केंद्र और 40 फीसदी प्रदेश सरकार का है। इसके चांसलर उपराष्ट्रपति हैं। विशिष्ट दर्जा मिलने के बाद काशी विद्यापीठ प्रदेश का पहला हाइब्रिड मॉडल वाला विश्वविद्यालय बन जाएगा।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को विशिष्ट दर्जा दिलाने का प्रयास 2005 से चल रहा है। यूजीसी कमेटी ने 2005 में विश्वविद्यालय का दौरा कर संस्था को राष्ट्रीय महत्व की संस्था बनाने का सुझाव दिया था। अध्यापक संघ और पुरा छात्रों ने भी इस दिशा में पहल की थी।
ये होंगे फायदे :
- केंद्रीय विश्वविद्यालय के बराबर मिलेंगी सुविधाएं
- आर्थिक ढांचा होगा मजबूत होगा, नए संसाधन मुहैया होंगे
- अध्यापकों और कर्मचारियों का वेतनमान बढ़ेगा
- सेवा नियमावली में बदलाव होगा
- शोध कार्य के लिए अलग से होगा बजट का आवंटन
- नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
- सीटों का कोटा बढ़ेगा, फीस का ढांचा भी बदलेगा, गरीब छात्रों को होगा फायदा
- देश और विदेश के छात्र भी लेंगे दाखिला