प्रख्यात विज्ञानी प्रो. बीडी त्रिपाठी ने बताया कि यास के प्रभाव से हो रही बरसात के कारण वायुमंडल के प्रदूषक तत्व घुल गए हैं। वहीं हवा में धूल के कण बरसात से समाप्त हो गए हैं। इसके चलते ही बनारस की हवा में यह बदलाव नजर आ रहा है। यह कोरोना संक्रमितों के लिए भी बेहद अनुकूल है। हवा में आक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी और प्रदूषण का स्तर कम होने से सांस के रोगियों के लिए भी राहत की बात है।
बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवाती तूफान यास का असर दूसरे दिन भी शुक्रवार को भी देखने को मिला। बृहस्पतिवार को पूरी रात बारिश होते रहने के बाद शुक्रवार को भी दिन में रुक-रुक कर बारिश हुई और मौसम खुशनुमा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 दिनों में अब तक 33 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो शनिवार को भी तेज हवा के साथ झमाझम बारिश के आसार हैं।
तापमान की बात करें तो तीन दिन में 9 डिग्री की कमी दर्ज की गई है। बुधवार को जहां अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस था, वहीं बृहस्पतिवार को कम होकर 27.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि उत्तर पूर्वी नम हवा जिस तरह चल रही हैं, शनिवार को भी बारिश के आसार हैं। इस वजह से तापमान में भी कमी देखने को मिल सकती है।