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पूछा अच्छे दिन कब आएंगे, 'प्रभु खामोश

Tue, 24 Nov 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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बलिया से वापसी के समय ट्रेन से वाराणसी कैंट पहुंचे रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किसी से कोई बात नहीं की। न रेल अधिकारियों की सुनी न मीडिया के सवालों के जवाब दिए। अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मीडिया कर्मियों की दो पल ठहरने की गुजारिश भी उन्होंने नहीं स्वीकारी। अलबत्ता, सवालों की बौछार के बीच रेल मंत्री ने दोनों हाथों से अपने कान बंद कर लिए और स्टेशन परिसर से बाहर आते ही कार में बैठकर बाबतपुर एयरपोर्ट रवाना हो गए। उनके साथ रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी थे।
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दरअसल, रेल मंत्री ने सोमवार को बलिया रेलवे स्टेशन पर छपरा रेलखंड के दोहरीकरण, सुरेमनपुर में फुट ओवरब्रिज और एक धरोहर इंजन का लोकार्पण किया। बनारस होते हुए नई दिल्ली वापसी का उनका कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। लिहाजा, कैंट स्टेशन पर हफ्ते भर से जबरदस्त तैयारियां चल रही थीं। रंग-रोगन और साफ-सफाई के साथ ही तमाम फाइलें भी दुरुस्त की जाती रहीं। दोपहर 1:35 बजे रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा बलिया से स्पेशल ट्रेन से कैंट पहुंचे।

यहां उनके स्वागत के लिए विभागीय उच्चाधिकारी पहले से मौजूद थे लेकिन प्रभु ट्रेन से उतरने के बाद यहां एक पल भी नहीं रुके। सीधा परिसर से बाहर आए और कार में बैठकर बाबतपुर एयरपोर्ट निकल गए। जबकि, इस दौरान रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करने की बहुत कोशिश की। रेलवे और रेल यात्रियों के अच्छे दिन कब आएंगे जैसे तमाम सवालांे को अनसुना कर प्रभु निकल गए। स्वागत की औपचारिकता की सारी तैयारी यहां धरी की धरी रह गई।
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