राहुल सिंह का आरोप है कि कर्ज लेने के कुछ माह बाद ही काशी सिंह, रमेश राय उर्फ मटरू, अजय सिंह उर्फ लंबू और प्रेमशंकर सिंह उर्फ मीठे के आतंक व दबाव के बाद घर का गहना, अपना बिरदोपुर स्थित फ्लैट नंद नगर कालोनी स्थित मकान बेचकर मूलधन व ब्याज वापस कर दिया, लेकिन काशी सिंह और उनके गुर्गे बार-बार हिसाब करके चक्रवृद्धि ब्याज और रंगदारी आदि के रूप में डरा-धमका कर रुपये लेते रहे।
आरोप है कि फ्लैट की रजिस्ट्री काशी सिंह ने अपनी पत्नी कुसुम सिंह के नाम से करा दी। 2016 में दुकान संख्या 10 पर भी कब्जा कर लिया। 2007 में एक सादे नोटोरियल पेपर व कुछ अन्य पेपर पर हस्ताक्षर कराया। धमकी दी कि अभी मूलधन 25 लाख रुपया और दोगे तब जान बचेगी, नहीं तो पूरे परिवार की हत्या करवा देंगे।
अब तक करीब 70-80 लाख रुपया दिया जा चुका है, कुछ धनराशि की काशी सिंह व मटरू की लिखित पावती भी है। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार काशी सिंह और उसके रिश्तेदार सहित तीन की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
दुकानदार राहुल सिंह का आरोप है कि 11 जून की शाम चार बजे काशी सिंह हथुआ मार्केट स्थित दुकान पर आया और धमकी दी कि 50 लाख रुपये देकर अनी दुकान वापस ले लो। अन्यथा अंजाम भुगतने को तैयार रहना। पिता के साथ हथुआ मार्केट के पप्पू आदि भी उस समय मौजूद थे। रमेश राय उर्फ मटरू, काशी सिंह और उसका साला अजय सिंह लंबू और परिचित प्रेमशंकर सिंह उर्फ मीठे का एक आपराधिक गिरोह हथुआ मार्केट में कई दुकानों को अपने आतंक से कब्जा किया है।