मृत्युंजय ने बताया कि पत्नी से पूछने पर पता चला कि उन्होंने इस जमीन को करीब तीन माह पहले ही बुक करा लिया था लेकिन औपचारिकताओं के पूरा करने में समय लग गया। लूना सोसायटी इंटरनेशनल ने उनकी जमीन को उनके नाम से रजिस्टर्ड किया है। इसका कागज भी उनके पास आ गया है।
मृत्युंजय ने बताया कि अगर कोई चांद पर जमीन की रजिस्ट्री कराना चाहता है तो उसे वेबसाइट पर सभी जानकारियां आसानी से मिल जाती हैं। लूना सोसायटी इंटरनेशनल की वेबसाइट पर जाकर इस बारे में जानकारी मिलेगी। इसके बाद जो भी औपचारिकताएं हैं, उसको पूरा कराकर चांद पर जमीन की रजिस्ट्री कराई जा सकती है।