अग्निकांड में रामजी की तीन, कृष्णा की एक, श्यामजी की एक, धर्मेंद्र की एक, रामसागर की दो, गुड्डू की दो, लक्ष्मण की एक, सागर की एक तथा कुसुम देवी की एक झोपड़ी पूरी तरह जल गई। झोपड़ियों में रखा अनाज, कपड़े, साइकिल, बिस्तर, बर्तन, फर्नीचर और दैनिक उपयोग का अन्य सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
सूचना मिलने पर ग्रामीण अपने स्तर से आग बुझाने में जुट गए। बाद में अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक अधिकांश झोपड़ियां जलकर राख हो चुकी थीं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल आग लगने की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है और लेखपाल द्वारा क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।