6.48 बजे चौथे और पांचवे बुलडोजर को भी भवनों को गिराने में लगा दिया गया। यह सिलसिला पूर्वांह्न 10.25 बजे तक लगातार जारी रहा और ऊपरी तल के हिस्से को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। उधर बुलडोजर चलते ही आस-पास के मकानों की छतों पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोग जिला प्रशासन की कार्रवाई को कैमरे और मोबाइल में कैद करते देखे गए।
डीएम कोर्ट द्वारा निर्णय आने के बाद देर रात करीब साढ़े आठ बजे जिला प्रशासन की टीम गजल होटल पहुंची। राजस्व विभाग की टीम ने होटल के ऊपरी तल को लाल रंग से सिमांकन किया।रात करीब नौ बजे होटल के ग्राउंड में फ्लोर में स्थित दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करनी शुरू कर दी।
यह प्रक्रिया रात करीब 12.30 बजे तक चलती रही। सुबह पांच बजे एडीएम राजेश सिंह और भू-राजस्व अधिकारी सुशील श्रीवास्तव के नेतृत्व में सदर एसडीएम प्रभाष कुमार, जखनियां एसडीएम सूरज यादव, सेवराई एसडीएम रमेश मौर्या और कासिमबाद एसडीएम भारत भार्गव पहुंचे। जबकि सुरक्षा के मद्देनजर एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी के नेतृत्व में सीओ सिटी ओजस्वी चावला, सीओ महमूद अली, कई थानों की फोर्स, क्यूआरटी, महिला पुलिस टीम और पीएसी पहुंची।
सुबह 5.05 बजे महुआबाग, एलआईसी तिराहा, मिश्र बाजार और सहकारी कॉलोनी को जाने वाले मार्ग को बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया गया। गजल होटल तक आने और जाने वाले सभी मार्गों को पूरी तरह से बंद कर दिया। सुबह 5.38 बजे उस इलाके की बिजली बंद कराने के बाद बिजली विभाग की ओर से होटल के आसपास के विद्युत तारों को काटना शुरू कर दिया।
इधर पुलिस फोर्स की मुस्तैदी कर दी गई। सुबह 6.15 बजे कोतवाल विमल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में होटल के ऊपरी तल के 15 कमरों की वीडियो ग्राफी कराई गई। सुबह 6.30 बजे दो वाहनों पर लादकर दो पोकलेन पहुंचे। अधिकारियों द्वारा आदेश देते ही ठीक 6.38 पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
कुछ देर बाद पहुंचे तीन और पोकलेन लगातार होटल पर गरजते रहे। सुबह 10.25 बजे तक उपरी तल व अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।