वाराणसी में गंगाजल की स्थिति और गुणवत्ता की जांच करने के लिए जर्मनी के वैज्ञानिकों की टीम सोमवार को काशी पहुंची। डॉ. पीटर लेपोम, डॉ. स्वाति और डॉ. लुकास के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला के उपकरणों की जांच की। नेशनल कमीशन आफ क्लीन गंगा के एक्सचेंज नालेज के तहत यह टीम बनारस आई है ताकि यहां की प्रयोगशाला में भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार गंगाजल का परीक्षण हो सके। इस दौरान टीम के सदस्यों ने यहां के वैज्ञानिकों से अपने अनुभव भी साझा किए।
नेशनल मिशन आफ क्लीन गंगा के तहत जर्मनी के विशेषज्ञ के साथ दिल्ली से टीम ने सुबह विश्व सुंदरी पुल और सराय मोहना के पास से गंगाजल लेकर लैब में परीक्षण किया। परीक्षण का परिणाम टीम के सदस्यों ने वैज्ञानिकों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि गंगाजल को कब और कहां से लेना है ताकि बेहतर परिणाम आ सकें।
जांच प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानक के बारे में जानकारी दी गई। क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि गंगा के जल को निर्मल और आचमन योग्य बनाने के लिए नमामि गंगे और नेशनल कमीशन फार क्लीन गंगा ने तैयारियां कर ली हैं। गंगा जल की जांच के लिए जर्मनी के वैज्ञानिकों को भेजा गया है जो 101 बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। गंगा जल के परीक्षण व प्रशिक्षण के बाद टीम गाजीपुर के लिए निकल गई।