बीटल्स ग्रुप के विश्व विख्यात कलाकार जार्ज हैरिसन को पं. रविशंकर का आकर्षण ही बनारस खींच लाया था। जार्ज हैरिसन पंडित जी के साथ उनके शिवपुर के निकट तरना स्थित आवास पर काफी दिनों तक साथ रहे। उस आवास का नाम पं. रविशंकर ने अपनी माता के नाम पर हेमांगना रखा था। वह बनारस में ही बसना चाहते थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
पं. रविशंकर के विषय में यह यादें हैं वयोवृद्ध गाइड तरुण कांति बसु की। श्री बसु ने बताया कि बाल्यावस्था में पं. रविशंकर अपने तीन बड़े भाई क्रमश: उदयशंकर, राजेंद्र शंकर और देवेंद्र शंकर के साथ संगीत की आरंभिक शिक्षा लेने मेरे छोटे दादा पं. शिवेंद्रनाथ बसु के पास आया करते थे। वह स्वयं प्रसिद्ध वीणा वादक थे और संगीतकारों के प्रख्यात पोषक।
उन्होंने बताया कि जंगममाड़ी स्थित बंग साहित्य समाज की लाइब्रेरी के निर्माण को धनसंग्रह के लिए पं. रविशंकर ने सेंट्रल हिंदू स्कूल के मैदान में मुफ्त में सितार बजाया था। पहली पत्नी अन्नपूर्णा देवी से जन्मे शुभो शंकर अच्छे सितारवादक थे किंतु अल्पायु में ही उनका निधन हो गया। सुकन्या के साथ हैदराबाद के शिव मंदिर में हुए दूसरे विवाह से जन्मी अनुष्का शंकर प्रसिद्ध सितारवादक हैं। वहीं, अमेरिकी मूल की महिला से विवाहेतर संबंध से जन्मी नोरा जोंस पाश्चात्य संगीत जगत की बड़ी हस्ती हैं।