छठ के चलते अहमदाबाद, दिल्ली, सूरत, रायपुर, कोलकाता, मुंबई आदि महानगरों से आने वाली ट्रेनों में भीड़ है। तीन लोगों के बैठने वाली सीट पर पांच से सात लोग बैठ कर सफर रहे हैं, जबकि ऊपर बनीं सीट में चद्दर बांधकर भी लोग उसमें बैठकर सफर कर रहे हैं।
छठ पूजा के चलते लंबी दूरी से आ रही ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं है। वातानुकूलित कोच की भी स्थिति जनरल बोगी की तरह हो गई है। हालांकि जिसकी सीट थी वह बैठे थे, लेकिन बड़ी संख्या में यात्री जबरन कोच में सफर करते नजर आ रहे थे। वहीं, भीड़ अधिक होने के कारण शनिवार को पवन एक्सप्रेस ट्रेन से कई यात्रियों की ट्रेन तक छूट गई।
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छठ के चलते अहमदाबाद, दिल्ली, सूरत, रायपुर, कोलकाता, मुंबई आदि महानगरों से आने वाली ट्रेनों में भीड़ है। तीन लोगों के बैठने वाली सीट पर पांच से सात लोग बैठ कर सफर रहे हैं, जबकि ऊपर बनीं सीट में चद्दर बांधकर भी लोग उसमें बैठकर सफर कर रहे हैं। यही नहीं, सीट के नीचे भी फर्श पर बैठने को लेकर किचकिच होती है। शनिवार को वाराणसी (कैंट) रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़नेे को लेकर काफी देर तक यात्री परेशान रहे। जबकि प्लेटफार्म नंबर एक की जगह दो पर पहुंची पवन एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्रियों में धक्कामुक्की होती रही। कई कोच केे दरवाजे तक पहले से ही यात्रियों ने बंद कर दिए थे। इस ट्रेन के सभी कोच में यात्री खड़े होकर सफर करते दिखे। थर्ड एसी कोच, स्लीपर भी जनरल कोच की तरह हो गए थे। बावजूद इसके बड़ी संख्या में यात्रियों की ट्रेन छूट गई।