वाराणसी। चुनाव के बाद गेहूं खरीद शुरू होते ही क्रय केंद्रों पर बोरे की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। मंगलवार को कई केंद्रों पर बोरे की कमी, कर्मचारियों की कमी और सत्यापन की समस्या से गेहूं खरीद नहीं हो सकी। एक हजार से अधिक पंजीकृत किसानों में 27 दिनों में 123 किसानों से 484 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
सोमवार को मुख्यमंत्री द्वारा क्रय केंद्रों के संबद्धता की बाध्यता समाप्त करने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिली है। पिछले दो सप्ताह से पिंडरा विकास खंड के किसान रमेश सिंह, हर्ष प्रताप, इंद्र बहादुर, इंद्रजीत गेहूं की बिक्री के लिए फूलपुर क्रय केंद्र के अलावा नजदीक के पिंडरा, बाबतपुर क्रय केंद्र पर गए। जहां बोरे न होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया गया। इसकी शिकायत किसानों ने अधिकारियों से की है। अधिकारियों का कहना है कि जिले के कई केंद्रों पर बोरे की कमी है। एक दो दिन में बोरे पहुंचा दिए जाएंगे। उधर कई केंद्रों के प्रभारियों के मतगणना प्रशिक्षण में शामिल होने से कई केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा है। सत्यापन की समस्या से भी जूझ रहे किसान तहसील के चक्कर लगा रहे मगर उन्हें वहां कोई अधिकारी ही नहीं मिल रहे। स्टेनोग्राफर किसानों को सत्यापन का आश्वासन देकर लौटा दे रहे। मतगणना ड्यूटी के लिए प्रशिक्षण में गए तक्खु की बौली, पिंडरा, बाबतपुर, हरहुआ, चिरईगांव सहित जिले कई केंद्रों पर खरीद ही नहीं हुई।
कोट...
उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ) की तरफ से 50 गांठ (एक गांठ में 500 बोरे) की मांग की गई है। इससे पहले 500 मीट्रिक टन खरीद के हिसाब से 38 गांठ बोरो की व्यवस्था की गई थी। अभी 123 किसानों से 484 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। इसकी समीक्षा कर बोरे की व्यवस्था की जाएगी। - अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला विपणन अधिकारी