गौरव तीन भाई हैं। पिता नागेंद्र मौर्य के निधन के बाद बड़े भाई अभिनव ने गौरव को प्रोत्साहित कर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया। छोटे भाई सौरभ भी मुक्केबाज हैं। अभिनव ने बताया कि 2009 में पिता जी के निधन के बाद से गौरव काफी टूट गया था। पिता जी का सपना था की उनका बेटा देश का मान बढ़ाए। जिसे मेरे छोटे भाई ने साकार कर दिया है।
खेल कोटा से आईटीबीपी में भर्ती होने के बाद मसूरी में सरहद की सुरक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन कर देश और काशी का मान बढ़ा रहा है। इससे पिता जी को आत्मशांति मिली होगी। साथ ही गौरव के गांव लौटने पर परिवार और गांव के लोगों ने भव्य स्वागत और सम्मान किया।