फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: विश्व पुलिस गेम्स में गोल्ड जीतकर गांव लौटे गौरव, सम्मान में खूब बजे ढोल-नगाड़े

Thu, 13 Oct 2022 05:21 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सारनाथ क्षेत्र के रामलखन नगर निवासी गौरव आईटीबीपी में जवान हैं। उन्होंने नीदरलैंड के रॉटरडैम शहर में आयोजित विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स में कराते में गोल्ड मेडल जीता है। 
विज्ञापन
वाराणसी कैंट स्टेशन पर गौरव का स्वागत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता गौरव कुमार मौर्य गुरुवार को वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचे। यहां उनके परिजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत और सम्मान किया। 23 से 31 जुलाई तक नीदरलैंड के रॉटरडैम शहर में आयोजित विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स में सारनाथ क्षेत्र के रामलखन नगर निवासी गौरव ने दूसरी बार इंडो तिब्बत बार्डर पुलिस (आईटीबीपी) की ओर भारत का नेतृत्व किया।

विज्ञापन


कराते के कुमिते स्पर्धा के 70 किलो भार वर्ग में हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले में कंबोडिया के खिलाड़ी चेंग रत्नाक को हराकर स्वर्ण पदक जीता। गौरव ने बताया कि प्रतियोगिता में करीब 60 देशों के 600 से अधिक पुलिस विभाग के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।

ऑल इंडिया पुलिस चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल पर कब्जा
वर्ष 2019 में चीन में आयोजित विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स में गौरव रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ा चुके हैं। गौरव ने बताया विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स के बाद आयोजित ऑल इंडिया पुलिस चैंपियनशिप में भी मेरा स्वर्ण पदक रहा। दो माह बाद छुट्टी मिली तो घर आया हूं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पिता के निधन के बाद भाई ने संभाली पूरी जिम्मेदारी

गौरव तीन भाई हैं। पिता नागेंद्र मौर्य के निधन के बाद बड़े भाई अभिनव ने गौरव को प्रोत्साहित कर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया। छोटे भाई सौरभ भी मुक्केबाज हैं। अभिनव ने बताया कि 2009 में पिता जी के निधन के बाद से गौरव काफी टूट गया था। पिता जी का सपना था की उनका बेटा देश का मान बढ़ाए। जिसे मेरे छोटे भाई ने साकार कर दिया है।

खेल कोटा से आईटीबीपी में भर्ती होने के बाद मसूरी में सरहद की सुरक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन कर देश और काशी का मान बढ़ा रहा है। इससे पिता जी को आत्मशांति मिली होगी। साथ ही गौरव के गांव लौटने पर परिवार और गांव के लोगों ने भव्य स्वागत और सम्मान किया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें