मुख्यमंत्री योगी और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इच्छामृत्यु की इजाजत मांगने वाली दुष्कर्म पीड़िता के मामले के एक आरोपी ने गुरुवार की शाम एडीजे प्रथम की अदालत में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। मामले के दो आरोपी फरार हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दुष्कर्म जैसी घटना में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। बलिया जिले के सहतवार थाना क्षेत्र के एक गांव की दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने 30 अगस्त को मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग व जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मृत्यु की इजाजत मांगी थी।
पत्र में उसने बताया था कि 10 अप्रैल की दोपहर उसकी सहेली किरन उसे घर ले गई थी। वहां किरन के बड़े पिता के लड़के सिंटू गोंड, तथा धनंजय शर्मा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के 20 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकी।