वाराणसी। गंगा यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को राजघाट पर आयोजित स्वागत सभा में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सहायक नदियों को गंगा से जोड़ने के लिए भगीरथ प्रयास उत्तर प्रदेश से शुरू किया जाएगा। जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी गंगा अर्थदायिनी भी हैं। जीवन जीने के लिए गंगा के तटीय इलाकों से ही देश को सबसे ज्यादा अन्न मिलता है। अब गंगा के प्रवाह को मंद करने के लिए दोनों छोर पर फलदार वृक्ष और आर्गेनिक एग्रीकल्चर के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
करीब सात घंटे देरी से पहुंची गंगा यात्रा के स्वागत सभा में शेखावत ने कहा कि गंगा मंद गति से बहकर समाज को अभिसिंचित करती हैं। मगर, जब उनका प्रवाह बढ़ता है तो हमारे पुराने पाप सामने आते हैं। गंगा को तटीय गांवों में अर्थगंगा का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए गंगा के शुद्धीकरण का महाअभियान चलाया जा रहा है। मगर, आमजन की भागीदारी के बिना यह सफल नहीं होगा। इसीलिए नई चेतना के जागरण के लिए उत्तर प्रदेश में गंगा यात्रा की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल को जन जन का विषय बनाया है। वर्ष 2014 में तीन करोड़ घरों तक पानी पहुंचा है। 15 करोड़ आवास पानी के लिए अलग-अलग विकल्पों पर आश्रित हैं। मगर, केंद्र सरकार ने सभी आवासों तक जल पहुंचाने का संकल्प लिया है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि काल के प्रवाह में मां गंगा दूषित और प्रदूषित हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भागीरथ रूप में अभियान शुरू किया। जन भागीदारी के कारण गंगा का अविरल स्वरूप सबके सामने है। इससे पहले गाजीपुर के रास्ते राजवाड़ी गांव से गंगा यात्रा के वाराणसी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन, सूर्य प्रताप शाही, महेंद्र सिंह, अनिल राजभर, डॉ. नीलकंठ तिवारी, रविंद्र जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।