नदी मे एक सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव जारी है। उधर, रामगढ़ में गंगा की लहरों ने अब अपना रुख केहरपुर में बना एएनएम सेंटर और हरे राम ब्रम्हचारी जी के समृति स्थल की ओर कर लिया है। जो कभी भी गंगा की लहरों में समा सकता है।
दर्जनभर गांव टापू में तब्दील :
मीडियम फ्लड लेबल पार करने के साथ ही गंगा के किनारे बसे एक दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। सुघर छपरा, केहरपुर जग छपरा डंगर बाद, बाबूबेल बादिलपुर आदि गांव पानी से घिर गए हैं जहां निकलने के लिए समुचित नावों की व्यवस्था नही है। सबसे बदतर इस्थित केहरपुर की है। वहां के लोग अपने घरों व समानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण :
जिला अधिकारी भवानी सिंह खंगरौत ने केहर पुर गांव में लगे भीषण कटान का सच दुबैछपरा रिंग बंधे से ही देखा। दुबैछपरा से उनका काफिला लौट गया। इसके साथ ही बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी बाढ़ वाले इलाकों का दौरा किाय। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की हर संभव सहायता के लिए अधिनस्त अधिकारियों को निर्देश दिए। हालांकि केहरपुर के लोग भी उनके यहां आने की आस लगाए थे पर उन्हें निराशा हुई।