वाराणसी में घट रहा गंगा का जलस्तर
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है। वरुणा पार के इलाकों में भी कई मोहल्लों से अब बाढ़ का पानी कम होने लगा है जिससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि यहां रहने वाली हजारों आबादी को राहत शिविरों से अपने-अपने घरों में लौटने के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
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काशी में गंगा का जलस्तर अब घटाव की ओर है। लेकिन लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पानी घटने के साथ-साथ अब मलबा, कीचड़ और दुर्गंध से परेशानी हो रही है। गंदगी के कारण मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने 200 टीमों का गठन किया है। 193 मशीनों से फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव और सफाई हो रही है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन पी सिंह के मुताबिक बाढ़ के पानी के घटाव के बाद 193 मशीनों से व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। फॅागिंग के लिए 10 बड़ी मशीनें, सैनिटाइजेशन के लिए 174 मशीनें और एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए 9 मशीनें लगाई गई हैं। यहां एंटी लार्वा, चूना, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव विशेष अभियान चलाकर किया जा रहा है। नगर निगम के पांचों जोन के जोनल अधिकारियों की देखरेख में अभियान चल रहा है। जोनल अधिकारी बाढ़ राहत शिविरों का मुआयना भी कर रहे हैं। इसके अलावा अत्यधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुछ अतिरिक्त कर्मी भी बढ़ाए गए हैं।