इस बार 56 परिवारों के घर पकवान बनाकर मां को भोग लगाया जाएगा। केरल, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना सजित 12 राज्यों के श्रद्धालु मां गंगा को चढ़ाने के लिए साड़ियां भेजेंगे। काशी में रह रहे गुजराती, मराठी, राजस्थानी, सिंधी, मारवाड़ी, कायस्थ समाज की ओर से भी साड़ियां चढ़ाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि 11 वैदिक ब्राह्मण 11 लीटर दूध से मां का अभिषेक करेंगे। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में 501 लीटर दूध से अभिषेक होगा। मां गंगा को आरपार की माला चढ़ाई जाएगी। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि, गंगोत्री सेवा समिति, अस्सी घाट, पंचगंगा घाट, ललिता घाट, नमो घाट आदि घाटों पर होने वाली आरती में विशेष पूजा होगी।
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10-10 फल, दीप से करेंगे मां मां गंगा की पूजा
गंगा दशहरा पर हर घाटों पर मां गंगा की विशेष पूजा होगी। श्रद्धालु गंगा स्नान कर पूजा और दान करेंगे। मंगला गौरी मंदिर के महंत पं. नारायण गुरु ने बताया कि मां को 10-10 आम, केले आदि नैवेद्य चढ़ाए जाएंगे। 10 दीप जलाए जाएंगे। मां को लड्डू का भी भोग लगेगा।