पिछले साल आई गंगा में बढ़ते जलस्तर के कारण बहु तबाई मचाई थी। गंगा के तटीय किनारों में बाढ़ आ गई थी। जिस कारण कई लोगों की मौत भी हुई थी। साथ ही लोगों को पलायन करना पड़ा था। पूर्वांचल के कई जिले पिछले साल गंगा में आई बाढ़ की चपेट में आ गए थे। हर जिले में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं
पूर्वांचल के इन जिलों में खतरे का निशान-
वाराणसी - 71.26 मीटर
जौनपुर -
गाजीपुर - 63.10 मीटर
बलिया - 57.61 मीटर
मिर्जापुर - 77.72 मीटर
चंदौली - 71.40 मीटर
भदोही - 80 मीटर
वाराणसी में वर्ष 2016 के बाद यह पहला मौका था, जब गंगा ने वाराणसी में खतरा बिंदु को पार कर लिया था। इससे पहले 2013 को वाराणसी में गंगा ने खतरे का निशान पार किया था। जलस्तर पिछले साल कभी एक घंटा प्रति सेमी तो कभी दो घंटा प्रति सेंमी बढ़ रहा था। गंगा खतरे के निशान को पार करके कई दिनों तक बह रही थी। 1978 की बाढ़ में अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर रहा था।