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Ganga Aarti: अब नमो घाट पर सात अर्चक रोजाना उतारेंगे मां गंगा की आरती, हर दिन पहुंच रहे हजारों श्रद्धालु

Wed, 08 Oct 2025 07:04 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Ganga Aarti at Namo Ghat: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से नमो घाट पर मां गंगा की दैनिक आरती शुरू हुई। यहां रोज शाम को 6:45 बजे शुरू आरती होगी। 
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नमो घाट पर गंगा आरती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का विस्तार अब नमो घाट पर हो गया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से नमो घाट पर भी गंगा आरती का दैनिक आयोजन शुरू हो गया है। नियमित रूप से शाम को 6:45 बजे मां गंगा की आरती की शुरूआत हो रही है। रोजाना तीन हजार से अधिक श्रद्धालु गंगा आरती में शामिल हो रहे हैं।

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नमो घाट पर सात अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर आरती शुरू की। आरती के दौरान घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण हर- हर गंगे के जयघोष से गूंज उठा। अब प्रतिदिन नमो घाट पर सांयकाल निर्धारित समय पर सात आचार्यों द्वारा मां गंगा की नित्य आरती की जाएगी। 

इस आयोजन का उद्देश्य गंगा आरती की परंपरा को अधिक व्यापक बनाना और श्रद्धालुओं को नए घाट पर भी दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने बताया कि नमो घाट पर आरती की शुरुआत से अब भक्तों को दशाश्वमेध के साथ एक और भव्य स्थल पर आरती का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
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भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध
आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए घाट परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। घाट की सीढ़ियों और निकटवर्ती क्षेत्रों में स्टील की बैरिकेडिंग लगाई गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम को सतर्क रखा गया है।
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भक्तों में उत्साह, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नमो घाट पर पहली बार दैनिक गंगा आरती देखने पहुंचे लोगों ने बताया कि यहां की सजावट और भव्य आयोजन ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। गंगा के तट पर प्रकाशमय सजावट, वैदिक ध्वनियां और शंखनाद से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस नई परंपरा से वाराणसी के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु आरती के समय निर्धारित मार्गों से ही प्रवेश करें और यातायात व्यवस्था में सहयोग दें, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

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