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एमपी हादसे से लिया सबक: अस्पतालों, दवा मंडी में स्टॉक पर नजर; काशी से लखनऊ भेजे गए कफ सिरप के 10 सैंपल

Wed, 08 Oct 2025 07:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

मध्य प्रदेश की घटना के बाद वाराणसी जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अस्पतालों और दवा मंडी में स्टॉक पर नजर बनाए रखने के साथ ही अधिकारी स्टॉक मिला रहे हैं। 
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खांसी सिरप (सांकेतिक) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद अब जिले में भी स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। अस्पतालों के साथ ही दवा मंडी की निगरानी बढ़ा दी गई है। कफ सिरप के स्टॉक का मिलान कराया जा रहा है। ड्रग विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिस कंपनी का कफ सिरप पीने से मप्र में बच्चों की जान गई, उस कंपनी की दवा बनारस समेत आसपास के जिलों में नहीं है। इसके बाद भी उससे मिलती जुलती कंपनी के कफ सिरप के 10 सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। 

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मध्य प्रदेश में कफ सिरप में मिलावट की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन के साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर की अगुवाई वाली टीम भी उस कंपनी के सिरप के लिए अभियान चला रही है। 

सप्तसागर दवा मंडी में थोक विक्रेताओं के यहां जांच करने के साथ ही जिले में बच्चों का इलाज करने वाले विशेषज्ञों के अस्पताल से कई कंपनियों के कफ सिरप के सैंपल लिए गए हैं। ड्रग इस्पेक्टर चंद्रेश द्विवेदी ने बताया कि 10 जगहों से सैंपल लिए गए हैं। इन सभी को जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है, साथ ही दवा मंडी सहित बच्चों के अस्पताल चलाने वाले विशेषज्ञों से स्टॉक की जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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क्या बोले जानकार
जिस कंपनी का कफ सिरप पीकर मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत हुई है, उस कंपनी की सप्लाई बनारस में नहीं होती है। इसके बाद भी इससे मिलती-जुलती कंपनी के सभी कफ सिरप की जांच कराई जा रही है। यह अभियान जारी रहेगा। -चंद्रेश द्विवेदी, ड्रग इंस्पेक्टर

कफ सिरप को बनाने में ग्लिसरीन का प्रयोग होता है। यह महंगा होता है। ऐसे में बहुत सी कंपनियां गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखती हैं। सरकार को नए सिरे से गुणवत्ता की जांच करानी चाहिए। बच्चों को कफ सिरप अगर कोई डॉक्टर लिख रहे हैं तो उनको खुद भी कंपनियों के बारे में पूरी जानकारी करनी चाहिए। ऐसा करने से मिलावटी दवाइयों पर रोक लगाई जा सकती है। -डॉ. अशोक राय, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय बाल अकादमी

दवा मंडी में उस कंपनी का कोई कफ सिरप नहीं है, जिसमें मध्य प्रदेश में मिलावट की पुष्टि हुई है। वर्तमान समय में जिन भी विक्रेताओं के पास जिस भी कंपनी के कफ सिरप के स्टॉक हैं, उसको नए सिरे से जांच करने को कहा गया है। अगर कहीं भी किसी तरह की कोई गड़बड़ी की जानकारी मिलती है तो तुरंत समिति के पदाधिकारियों को सूचना देने को कहा गया है। -संजय सिंह, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति
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