वाराणसी में सजाई गई गणेश प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
छप्पन विनायकों की नगरी काशी में गणेश नवरात्रोत्सव के पंडाल सज गए हैं। गणपति के विविध स्वरूपों की नयनाभिराम प्रतिमाओं की सविधि मंत्रोच्चार के साथ पंडालों में प्रतिष्ठापना की गई है। इसी के साथ काशी में गणपति बप्पा मोरिया... के जयकारे गूंज उठे।
गणेशोत्सव की धूम काशी की गली-गली में मचेगी। दुर्गाघाट स्थित नानाफड़नवीस के बाड़े में भव्य गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना शुक्रवार की सुबह आठ बजे हो गई। शाम पांच बजे वेदघोष होगा। शाम 7:30 बजे वंदिता भागवत का भजन होगा।
यह गणेशोत्सव नूतम बालक गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल की ओर से 31 अगस्त तक चलेगा। न्यू गणपति स्पोर्टिंग क्लब की ओर से पियरिया पोखरी तेलियाबाग में पंडाल में गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की गई।
अगस्त्यकुंडा स्थित शारदा भवन में दोपहर 12 बजे अमरूद की लकड़ी से तैयार भोसले महल की अनुकृति वाले लघु मंडप में गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की गई। यहां 31 अगस्त तक विविध आयोजन होंगे। शुकवार की शाम को शुरुआत होगी कवि सम्मेलन से।
श्रीरामतारक आंध्रा आश्रम में गणेश नवरात्र के तहत सुबह नौ बजे प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की गई। शाम को स्वाति आत्मनाथन का भरतनाट्यम होगा। दिव्या कथक नृत्य की प्रस्तुति करेंगी। रामघाट स्थित वल्लभराम शालिग्राम सांगवेद विद्यालय में 96वां गणेशोत्सव 25 अगस्त से 2 सितंबर तक मनाया जाएगा।
इस दौरान शास्त्र प्रतियोगिता के अलावा पुराण प्रवचन, हरि कीर्तन, गायन की प्रस्तुतियां होंगी। श्रीकाशी मराठा गणेशोत्सव सेवा समिति की ओर से आस भैरव के अग्रवाल भवन में लाल बाग के राजा की प्रतिमा की सुबह सविधि मंत्रोच्चार के साथ प्रतिष्ठापना की गई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। सार्वजनिक श्रीगणेशोत्सव के तहत इस बार प्रतिमा की प्रतिष्ठापना नहीं की जाएगी।