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गेम की लत: बुझ गया घर का चिराग, मां ने नहीं दिए मोबाइल रिचार्ज के पैसे, नाराज छात्र ने फंदे से लटककर दी जान

Wed, 05 Aug 2026 10:09 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

मऊ कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां गेम की लत ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। माता-पिता की इकलौती संतान ने फंदे से लटककर जान दे दी। 
 
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घटना के बाद घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Mau News: कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में कक्षा छह के छात्र (14) ने सोमवार की शाम कमरे में फंदे से लटक कर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, मोबाइल रिचार्ज के लिए पैसे नहीं मिलने पर छात्र ने ऐसा कदम उठाया। बच्चे के पिता सऊदी अरब में रहकर काम करते हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

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क्या है पूरा मामला
बच्चे की मां ने बताया कि बेटा ऑनलाइन गेम (फ्री फायर) खेलता था। इसके चलते वह अपना मोबाइल रिचार्ज नहीं करा रही थी। सोमवार सुबह उसने मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए 50 रुपये मांगे। मना करने पर वह स्कूल चला गया। दोपहर में घर आने पर वह फिर से 50 रुपये की मांग करने लगा। डांट लगाते हुए उसको दिनभर मोबाइल चलाने और गेम खेलने की बात कहकर मना कर दिया।

शाम करीब चार बजे वह मकान के ऊपरी हिस्से में बने कमरे में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर होने पर दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई। अगल-बगल से झांककर देखा तो बच्चे का शव चादर के फंदे से लटका था। शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। इसके बाद लोगों ने दरवाजा तोड़ा। कैंची से फंदे को काटकर शव को नीचे उतारा और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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हथेली पर मां के डांटने की बात लिखकर युवक ने दी थी जान
दोहरीघाट कस्बे में 23 मार्च की शाम आठ बजे जितेंद्र साहनी (22) ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। उसने हथेली पर लिखा था कि मां गेम खेलने से मना कर रही हैं, इसलिए मरने का प्रयास कर रहा हूं। गेम में पैसा हारने के बाद से परिजन नाराज रहते थे। जितेंद्र ने कुछ दिन पहले ही 12वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। वह घर पर मां और छोटी बहन के साथ रहता था।


 
क्या बोले अधिकारी
बच्चे को फ्री फायर गेम खेलने की आदत थी, जिसके लिए वो मां से 50 रुपये मांग रहा था। नहीं देने पर उसने आत्महत्या कर ली। वर्तमान में मोबाइल और ऑनलाइन गेम के प्रति लगाव बच्चों के लिए घातक साबित हो रहा है। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वह बच्चों से हमेशा बातचीत करते रहें, उन्हें अकेला महसूस न होने दें। उनके सामने अनावश्यक मोबाइल लेकर न बैठें। -अनूप कुमार, एएसपी मऊ 
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